Top Reasons for Indians to Buy Health Insurance
Posted on 2026-09-21 11:30:45
Top Reasons for Indians to Buy Health Insurance
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टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी के कवरेज का दायरा उनके चुने हुए ऑप्शन्स के आधार पर अलग-अलग होगा। ये कॉम्प्रिहेंसिव, स्टैंडअलोन ओन डैमेज और थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस पॉलिसी हैं
भारत में, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 146 के अनुसार, थर्ड-पार्टी टू-व्हीलर इंश्योरेंस रखना अनिवार्य है। थर्ड-पार्टी (टीपी) टू-व्हीलर इंश्योरेंस बाइक ओनर को थर्ड-पार्टी लायबिलिटीज़ से बचाता है। श्रीराम टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी आपको तब कवरेज देती है, जब आपका वाहन किसी दूसरे व्यक्ति के वाहन/संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, या किसी दूसरे व्यक्ति को चोट/मृत्यु का कारण बनता है। यदि आपके वाहन से किसी थर्ड-पार्टी की संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है, तो श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी टू-व्हीलर वाहनों के लिए 1,00,000 रुपये तक का मुआवज़ा देगी। और यह अनलिमिटेड पर्सनल लायबिलिटी कवरेज भी देता है, यानी इंश्योर्ड वाहन के कारण हुई एक्सिडेंटल मृत्यु या चोटों के लिए, अदालत से किसी थर्ड-पार्टी के प्रति जो भी लायबिलिटी मुआवज़ा दिया जाता है
कवरेज में शामिल हैं
श्रीराम स्टैंडअलोन ओन डैमेज (ओडी) इंश्योरेंस पॉलिसी आपके टू-व्हीलर वाहन को दुर्घटनाओं, चोरी, प्राकृतिक और मानव-निर्मित आपदाओं जैसे अलग-अलग अचानक घटनाओं से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करती है। एक स्टैंडअलोन ओन डैमेज इंश्योरेंस पॉलिसी, वाहन मालिक और उसके वाहन को इस तरह के नुकसान से कवर करती है। यह दुर्घटना के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी थर्ड-पार्टी की लायबिलिटी को कवर नहीं करता है। इसलिए, स्टैंडअलोन ओन डैमेज इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले, थर्ड-पार्टी टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी लेना अनिवार्य है
कवरेज में शामिल हैं:
थर्ड-पार्टी और ओन डैमेज कवर (आपके टू-व्हीलर को होने वाला नुकसान/क्षति) के तहत मिलने वाली सभी कवरेज, कॉम्प्रिहेंसिव टू-व्हीलर इंश्योरेंस में शामिल होती हैं। श्रीराम कॉम्प्रिहेंसिव टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ हमेशा 15 लाख रुपये का कम्पल्सरी पर्सनल एक्सिडेंट (CPA) कवरेज शामिल होता है। एक कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी, थर्ड-पार्टी लायबिलिटी और ओन डैमेज के लिए कवरेज देती है जैसे कि इंश्योर्ड बाइक की चोरी, दुर्घटना से होने वाला नुकसान, आग से होने वाला नुकसान, प्राकृतिक आपदाएँ (जैसे बाढ़, तूफ़ान और भूकंप) और मानव निर्मित आपदाएँ (जैसे दंगे और हड़ताल)
आईआरडीएआई के सबसे नए सर्कुलर के अनुसार, 1 सितंबर 2018 को, माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, भारत में एक नए टू-व्हीलर वाहन के लिए पांच साल की इंश्योरेंस पॉलिसी होना अनिवार्य है। श्रीराम में, एक लॉन्ग-टर्म टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी उपलब्ध है, जो आपके टू-व्हीलर को एक ही बार में दो साल, तीन साल और पाँच साल के लिए कवर करती है। इसका मुख्य उद्देश्य टू-व्हीलर वाहनों के इंश्योरेंस को रिन्यूअल न होने की समस्या से निपटना और लोगों को अनिवार्य टू-व्हीलर वाहन इंश्योरेंस (टीपी लायबिलिटी पॉलिसी) समय पर खरीदने या उसका रिन्यूअल करवाने के लिए प्रेरित करना है। हालाँकि, पुराने वाहनों के लिए तीन साल का टू-व्हीलर इंश्योरेंस अनिवार्य नहीं है। फिर भी, लॉन्ग-टर्म के इंश्योरेंस कवर में निवेश करना एक समझदारी भरा फ़ैसला है, क्योंकि यह टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम पर कई फ़ायदे देता है। इसके अलावा, यह थर्ड-पार्टी प्रीमियम में होने वाली सालाना बढ़ोतरी से बचाव करने में भी मदद करता है
iयदि आप उन लोगों में से हैं जो अपनी बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी को समय पर रिन्यू करवाना भूल जाते हैं, तो 'लॉन्ग-टर्म टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी' आपके लिए सही विकल्प है

ज़्यादा सुरक्षा के लिए, किसी भी ऐड-ऑन या उन सभी को ज़्यादा प्रीमियम पर चुनें
भारतीय कानून के अनुसार, पर्सनल एक्सीडेंट कवर होना अनिवार्य है। यह किसी भी अनहोनी घटनाओं के मामलो मैं मालिक-ड्राइवर को शरीर से जुड़े चोट या मृत्यु के लिए कवरेज देता है

दुर्घटना या वाहन खराब होने के समय में, रोडसाइड असिस्टेंस कवर इंश्योर्ड व्यक्ति को तुरंत मदद करेगा। इसमें इंश्योर्ड व्यक्ति को वाहन खराब होने पर सपोर्ट करना, टायर रिपेयर सर्विस, बैटरी जंप-स्टार्ट असिस्टेंस और नज़दीकी गैरेज तक टोइंग की फैसिलिटी देना शामिल है

पीअ पैसेंजर कवर, ज़्यादा प्रीमियम पर ज़्यादा कवरेज देता है। यह आपके को-राइडर को सड़क पर किसी अचानक दुर्घटना का सामना करने पर सुरक्षा देता है

यदि किसी इंश्योर्ड वाहन से जुड़ा कोई टू-व्हीलर दुर्घटना होती है, तो श्रीराम टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी इंश्योर्ड व्यक्ति को पुलिस और जुडिशियल मैजिस्ट्रेट्स के सामने सलाह और बचाव के लिए एक वकील उपलब्ध कराती है

यदि किसी इंश्योर्ड वाहन से जुड़ी किसी दुर्घटना में चोट लगने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो हम कमसेकम 30 दिनों तक प्रतिदिन 1500/- रुपये की राशि का भुगतान करेंगे (नियम व शर्तें लागू)। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद, ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करके रीइम्बर्समेंट का क्लेम किया जा सकता है
यदि इंश्योर्ड व्यक्ति अपना सरकारी ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) या दोनों खो देता है, तो हम डीएल/आरसी की डुप्लीकेट कॉपी प्राप्त करने के लिए 500/- रुपये तक का मुआवज़ा या वास्तविक खर्च देंगे

वाहन के नुकसान होने पर, इंश्योर्ड व्यक्ति को किराए के वाहन के खर्च को पूरा करने के लिए, पॉलिसी में बताए अनुसार रोज़ाना खर्चों की भरपाई मिलेगी। यह तब लागू होता है, जब इंश्योर्ड वाहन को दुर्घटना से हुई नुकसान की रिपेयर के लिए किसी ऑथराइज़्ड गैरेज/सर्विस स्टेशन में तीन दिन से ज़्यादा समय तक रखना ज़रूरी हो

यदि आपके पर्सनल सामान को कोई नुकसान या हानि पहुँचती है, तो 'पर्सनल सामान के लिए ऐड-ऑन कवर' की सपोर्ट से आपको उस नुकसान की भरपाई की जाएगी।
कोई भी व्यक्ति ऐड-ऑन खरीदकर श्रीराम कॉम्प्रिहेंसिव टू-व्हीलर इंश्योरेंस पॉलिसी के फ़ायदों को बढ़ा सकता है। एक ऐड-ऑन कवर, ज़रूरी प्रीमियम के बदले इंश्योर्ड व्यक्ति को ज़्यादा से ज़्यादा कवरेज देगा। कुछ ऐड-ऑन हैं - मोटर सुरक्षा, अनाम व्यक्तियों के लिए पीअ और ज़ीरो डेप्रिसिएशन
एक साल की कॉम्प्रिहेंसिव बाइक इंश्योरेंस पॉलिसी, थर्ड-पार्टी लायबिलिटीज़ और इंश्योर्ड बाइक को होने वाले ओन डैमेज दोनों को कवर करती है। दुर्घटनाओं, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं और मानव निर्मित आपदाओं को पॉलिसी कवर करती है।
कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में थर्ड-पार्टी लायबिलिटी और इंश्योर्ड बाइक को दुर्घटनाओं, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं और मानव निर्मित आपदाओं के कारण होने वाले किसी भी नुकसान को कवर किया जाता है। हालाँकि, एक थर्ड-पार्टी पॉलिसी केवल थर्ड-पार्टी लायबिलिटीज़ को कवर करती है, जैसे कि किसी दुर्घटना के कारण संपत्ति को नुकसान, शरीर से जुड़े चोट और मृत्यु।
'ओन-डैमेज' टू-व्हीलर इंश्योरेंस सिर्फ़ आपकी बाइक को हुए अपने नुकसान को कवर करता है, जैसे कि दुर्घटना, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं मानव निर्मित आपदाओं से होने वाला नुकसान।
आमतौर पर, कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में थर्ड-पार्टी लायबिलिटी और साथ ही दुर्घटनाओं, चोरी, प्राकृतिक आपदाओं और मानव निर्मित आपदाओं के कारण इंश्योर्ड बाइक को होने वाले नुकसान, दोनों को कवर किया जाता है। थर्ड-पार्टी पॉलिसी केवल थर्ड-पार्टी की लायबिलिटी को कवर करती है, जिसमें इंश्योर्ड बाइक से हुई दुर्घटना के कारण संपत्ति को नुकसान, शरीर से जुड़े चोट या मृत्यु शामिल है।
टू-व्हीलर वाहन इंश्योरेंस पॉलिसियों को तीन तरीको में बाँटा जा सकता है:
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